Safalta ka raj

दोस्तों आज सफ़ल होना हर कोई चाहता है, इसके लिए मेहनत भी करता है, और कुछ लोग तो जिंदगी में एक बार सफ़ल भी हो जाते हैं, लेकिन उनकी सफलता ज्यादा देर तक कायम नहीं रहती,

आज की ये कहानी ऐसे ही लोगों के लिए है जो जिंदगी में सफ़लता को हमेशा कायम रखना चाहते हैं, कहानी को पूरा सुनियेगा – क्यूंकि ये कहानी आपको सफ़लता को हमेशा कैसे बचाए रखना है इसके बारे में सिखाएगी..



एक बार एक असफल आदमी एक सफल आदमी के पास पंहुचा। इस सफल आदमी की खास बात यह थी कि वह जो भी काम करता था उसमे सफलता प्राप्त करता था।

असफल आदमी ने उससे पूछा, “आपकी सफलता का सीक्रेट क्या है?  क्योकि मैं भी सफल होना चाहता हूँ।”



सफल आदमी थोड़ा मुस्कुराया और बोला, “असफल आदमीयों से ही मैंने सफल होना सीखा है।”

असफल आदमी थोड़ा सोच में पड़ गया कि- क्या असफल आदमीयों से भी कोई सफल होना सीख सकता है?

तब उस सफल आदमी ने कहा , “यह सच है कि असफल आदमीयों से ही मैंने सफल होना सीखा है। यह सफल होने का ऐसा तरीका है जिसे मेरे जैसे बहुत से सफल आदमी प्रयोग करते हैं।”

असफल आदमी बोला, “लेकिन कैसे???”

तब सफ़ल आदमी कहा – आज से कुछ साल पहले मैं आपकी ही कंपनी में काम करता था,

मैंने देखा की आपकी कंपनी बहुत अच्छी चल रही थी, फिर आपने अपने काम को और बड़ा करने के लिए एक दूसरी कंपनी खोली, और अपना सारा पैसा और कमाई उसमे लगा दी .



दो-दो कंपनियों की वजह से अब आप बहुत बिजी रहने लगे और अपने स्वास्थ पर ध्यान देना बंद कर दिया, आप बीमार हो गये और दोनों कंपनियां घाटे में चलने लगी.

आपको पता था की इस घाटे को कैसे खत्म करना है लेकिन आपके पास अब एक भी रुपया नहीं बचा था. उन कंपनियो में लगाने के लिए और साल भर के अन्दर आपकी दोनों कंपनिया बंद हो गयी.

बस आपकी इसी गलती से मैंने सीख लेकर अपनी छोटी सी कम्पनी खोली और इसे पूरा समय और पैसा लगा कर इतना बड़ा कर लिया, मैं एक वक्त में एक ही काम करता हूँ, और अपने लिए एक टीम भी बनाता हूँ जो मेरी गैर मौजूदगी में भी मेरा काम करती रहे,

उस असफ़ल आदमी को अपनी गलती का अहसास हो गया और वो धन्यवाद कह कर वहां से चला गया .

ये कहानी – हमें सफलता का एक ऐसा तरीका बताती है जिसके द्वारा हम बड़ी से बड़ी सफलता आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

असली सफल आदमी वह नहीं है जो केवल अपनी गलतियों से सीखे बल्कि वह है जो दूसरों की गलतियों से भी सीख लेता है।

हमारी जिंदगी इतनी बड़ी नहीं होती कि हम गलती करें, फिर उससे सीखें और फिर उसे सुधारें। अपनी गलतियों से तो हम बहुत कम सीख सकते हैं जबकि दूसरों की गलतियों से हम बहुत कुछ सीख सकते हैं।

तो –  अगर जिंदगी में बड़ी सफ़लता चाहिए  तो दूसरों की गलतियों से सीखो। और अपनी जिंदगी में उन्हें कभी मत दोहरायो ……

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